गणतंत्र दिवस पर कविता : january-26 - 2025
Republic Day Poem By J. Sugandha
गणतंत्र दिवस पर विशेष कविता : जे. सुगंधा
"ना जियों धर्म के नाम पर
ना मरों धर्म के नाम पर
इंसानियत ही है धर्म वतन का
बस जियों वतन के नाम।"
Proud to be an Indian.
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