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Prabha Pareek Poetry
Hindi Kavita Pardesi Chidiya : पढ़िए कविता कोश में प्रस्तुत है प्रभा पारीक की बेहतरीन कविता परदेसी चिड़िया, बच्चों के लिए सुंदर कविता परदेसी चिड़िया, पढ़ें और साझा करें।
Pardesi Chidiya : Poetry
परदेसी चिड़िया
आओ मेरे चुनचुन चाना,
तुमको दूं मैं मीठा दाना।
शोर न करना धीरे खाना,
सुनकर मम्मी देगी ताना।
चार दिशा से चारों आए,
आकर अपने पंख फैलाए ।
चार बात तुम मुझे बताओ,
फिर चुनके तुम दाना खाओ ।
किस प्रदेश में पड़ रही गर्मी ,
किस प्रदेश में पड़ रही सर्दी ।
अपने दोस्त कहां पर छोड़े ,
वह सब काले थे या गोरे ।
दाना खा लिया अब तुम जाओ,
और ना तुम अब शोर मचाओ ।
अपने संगी साथियों को कहना,
रहना तुम सब भारत में रहना ।
मेरे देश के लोग दयालु,
तोता हो या फिर हो भालू
भारत देश बड़ा है प्यारा,
रंग बिरंगा न्यारा न्यारा।।
- प्रभा पारीक
भरुच, गुजरात
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