परदेसी चिड़िया : प्रभा पारीक की कविता

Dr. Mulla Adam Ali
0

Pardesi Chidiya Hindi Kavita by Prabha Pareek, Hindi Kavita Kosh, Poetry Collection in Hindi, Hindi Poems, Poetry Community.

Prabha Pareek Poetry

pardesi chidiya poem in hindi

Hindi Kavita Pardesi Chidiya : पढ़िए कविता कोश में प्रस्तुत है प्रभा पारीक की बेहतरीन कविता परदेसी चिड़िया, बच्चों के लिए सुंदर कविता परदेसी चिड़िया, पढ़ें और साझा करें।

Pardesi Chidiya : Poetry

परदेसी चिड़िया 

 

आओ मेरे चुनचुन चाना,

तुमको दूं मैं मीठा दाना।

शोर न करना धीरे खाना,

सुनकर मम्मी देगी ताना।

चार दिशा से चारों आए,

आकर अपने पंख फैलाए ।

चार बात तुम मुझे बताओ,

फिर चुनके तुम दाना खाओ ।

किस प्रदेश में पड़ रही गर्मी ,

किस प्रदेश में पड़ रही सर्दी ।

अपने दोस्त कहां पर छोड़े ,

वह सब काले थे या गोरे ।

दाना खा लिया अब तुम जाओ,

और ना तुम अब शोर मचाओ ।

अपने संगी साथियों को कहना,

रहना तुम सब भारत में रहना ।

मेरे देश के लोग दयालु,

तोता हो या फिर हो भालू

भारत देश बड़ा है प्यारा,

रंग बिरंगा न्यारा न्यारा।।


- प्रभा पारीक

भरुच, गुजरात

ये भी पढ़ें; हिंदी कविता : आँगन की धूप

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. learn more
Accept !
To Top